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श्री विष्णु पुराण
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अंश 3: तृतीय अंश
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अध्याय 1: पहले सात मन्वन्तरोंके मनु, इन्द्र, देवता, सप्तर्षि और मनुपुत्रोंका वर्णन
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श्लोक 28
श्लोक
3.1.28
सुमेधा विरजाश्चैव हविष्मानुत्तमो मधु:।
अतिनामा सहिष्णुश्च सप्तासन्निति चर्षय:॥ २८॥
अनुवाद
उस मन्वन्तर में सात सप्तर्षि थे- सुमेधा, विरजा, हविष्मान, उत्तम, मधु, अतिनाम और सहनशील। 28॥
In that Manvantara, there were seven Saptarishis – Sumedha, Virja, Havishman, Uttam, Madhu, Atinama and Tolerant. 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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