श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 9: ज्योतिश्चक्र और शिशुमारचक्र  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  2.9.1 
श्रीपराशर उवाच
तारामयं भगवत: शिशुमाराकृति प्रभो:।
दिवि रूपं हरेर्यत्तु तस्य पुच्छे स्थितो ध्रुव:॥ १॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशर बोले - भगवान विष्णु का तारारूपी गिरगिट के समान आकार वाला रूप आकाश में दिखाई देता है। ध्रुव उसके पुच्छ भाग में स्थित हैं।॥1॥
 
Sri Parashara said - The star-like form of Lord Vishnu which is shaped like a chameleon (iguan) is seen in the sky. Dhruva is situated in its tail part. ॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)