Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 2.8.87: वे वैदिक धर्म की संतान हैं, जो युगों-युगों से छिन्न-भिन्न हो गया था और जिसे वे तप, वर्णाश्रम-मर्यादा और विविध शास्त्रों के द्वारा पुनः स्थापित करते हैं ॥87॥ | vishnu अध्याय 2.8: सूर्य, नक्षत्र एवं राशियोंकी व्यवस्था तथा कालचक्र, लोकपाल और गंगाविर्भावका वर्णन । vishnu अंश 2: द्वितीय अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे वैदिक धर्म की संतान हैं, जो युगों-युगों से छिन्न-भिन्न हो गया था और जिसे वे तप, वर्णाश्रम-मर्यादा और विविध शास्त्रों के द्वारा पुनः स्थापित करते हैं ॥87॥
They are the children of the Vedic religion which was disintegrated over the ages and re-establish it through penance, varnashrama-maryada and various scriptures. 87॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥