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vishnu 2.8.73: श्वेतवर्ष के उत्तर में जो पर्वत है, जो श्रृंगवन नाम से प्रसिद्ध है, उसमें तीन चोटियाँ हैं, जिसके कारण उसे श्रृंगवन कहा जाता है। 73.   |   vishnu अध्याय 2.8: सूर्य, नक्षत्र एवं राशियोंकी व्यवस्था तथा कालचक्र, लोकपाल और गंगाविर्भावका वर्णन   ।   vishnu अंश 2: द्वितीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 8: सूर्य, नक्षत्र एवं राशियोंकी व्यवस्था तथा कालचक्र, लोकपाल और गंगाविर्भावका वर्णन  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  2.8.73 
य: श्वेतस्योत्तर: शैल: शृङ्गवानिति विश्रुत:।
त्रीणि तस्य तु शृङ्गाणि यैरयं शृङ्गवान‍्स्मृत:॥ ७३॥
 
 
अनुवाद
श्वेतवर्ष के उत्तर में जो पर्वत है, जो श्रृंगवन नाम से प्रसिद्ध है, उसमें तीन चोटियाँ हैं, जिसके कारण उसे श्रृंगवन कहा जाता है। 73.
 
The mountain to the north of Shwetavarsha, known as Shringavan, has three peaks, due to which it is called Shringavan. 73.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)