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vishnu 2.8.64: दोपहर बीतने के बाद संध्या होती है। इस प्रकार पूरे दिन में पंद्रह मुहूर्त होते हैं और दिन के प्रत्येक भाग में तीन मुहूर्त होते हैं।   |   vishnu अध्याय 2.8: सूर्य, नक्षत्र एवं राशियोंकी व्यवस्था तथा कालचक्र, लोकपाल और गंगाविर्भावका वर्णन   ।   vishnu अंश 2: द्वितीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 8: सूर्य, नक्षत्र एवं राशियोंकी व्यवस्था तथा कालचक्र, लोकपाल और गंगाविर्भावका वर्णन  »  श्लोक 64
 
 
श्लोक  2.8.64 
अपराह्णे व्यतीते तु काल: सायाह्न एव च।
दशपञ्चमुहूर्ता वै मुहूर्तास्त्रय एव च॥ ६४॥
 
 
अनुवाद
दोपहर बीतने के बाद संध्या होती है। इस प्रकार पूरे दिन में पंद्रह मुहूर्त होते हैं और दिन के प्रत्येक भाग में तीन मुहूर्त होते हैं।
 
After the afternoon passes, the evening comes. Thus there are fifteen muhurats [in a whole day] and three muhurats [in each part of a day].
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)