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vishnu 2.8.54: भगवान विष्णु विश्व, तैजस और प्रज्ञा रूप तीन धामों वाले हैं और सम्पूर्ण शब्दों (वेदों) के स्वामी हैं, उनके उच्चारण मात्र से ही राक्षस नष्ट हो जाते हैं ॥54॥   |   vishnu अध्याय 2.8: सूर्य, नक्षत्र एवं राशियोंकी व्यवस्था तथा कालचक्र, लोकपाल और गंगाविर्भावका वर्णन   ।   vishnu अंश 2: द्वितीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 8: सूर्य, नक्षत्र एवं राशियोंकी व्यवस्था तथा कालचक्र, लोकपाल और गंगाविर्भावका वर्णन  »  श्लोक 54
 
 
श्लोक  2.8.54 
ओङ्कारो भगवान‍‍्वि‍ष्णुस्त्रिधामा वचसां पति:।
तदुच्चारणतस्ते तु विनाशं यान्ति राक्षसा:॥ ५४॥
 
 
अनुवाद
भगवान विष्णु विश्व, तैजस और प्रज्ञा रूप तीन धामों वाले हैं और सम्पूर्ण शब्दों (वेदों) के स्वामी हैं, उनके उच्चारण मात्र से ही राक्षस नष्ट हो जाते हैं ॥54॥
 
Lord Vishnu is the one with three abodes in the form of Vishwa, Taijas and Prajna and is the lord of all the words (Vedas), just by uttering them the demons are destroyed. 54॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)