Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 2.8.5: सात छंद उसके घोड़े हैं, उनके नाम सुनो - गायत्री, बृहती, उष्णिक, जगती, त्रिष्टुप, अनुष्टुप और पंक्ति - ये छंद सूर्य के सात घोड़े कहे जाते हैं ॥5॥ | vishnu अध्याय 2.8: सूर्य, नक्षत्र एवं राशियोंकी व्यवस्था तथा कालचक्र, लोकपाल और गंगाविर्भावका वर्णन । vishnu अंश 2: द्वितीय अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हयाश्च सप्तच्छन्दांसि तेषां नामानि मे शृणु।
गायत्री च बृहत्युष्णिग्जगती त्रिष्टुबेव च।
अनुष्टुप्पङ्क्तिरित्युक्ता छन्दांसि हरयो रवे:॥ ५॥
अनुवाद
सात छंद उसके घोड़े हैं, उनके नाम सुनो - गायत्री, बृहती, उष्णिक, जगती, त्रिष्टुप, अनुष्टुप और पंक्ति - ये छंद सूर्य के सात घोड़े कहे जाते हैं ॥5॥
The seven verses are his horses, listen to their names - Gayatri, Brihati, Ushnik, Jagati, Trishtup, Anushtup and Pankti - these verses are called the seven horses of the Sun. 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥