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vishnu 2.8.29: इन तीन राशियों का भोग करने के बाद सूर्य दिन-रात को बराबर करते हुए भूमध्यरेखीय गति अपना लेता है [अर्थात भूमध्य रेखा के मध्य में ही घूमता है]।   |   vishnu अध्याय 2.8: सूर्य, नक्षत्र एवं राशियोंकी व्यवस्था तथा कालचक्र, लोकपाल और गंगाविर्भावका वर्णन   ।   vishnu अंश 2: द्वितीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 8: सूर्य, नक्षत्र एवं राशियोंकी व्यवस्था तथा कालचक्र, लोकपाल और गंगाविर्भावका वर्णन  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  2.8.29 
त्रिष्वेतेष्वथ भुक्तेषु ततो वैषुवतीं गतिम्।
प्रयाति सविता कुर्वन्नहोरात्रं तत: समम्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
इन तीन राशियों का भोग करने के बाद सूर्य दिन-रात को बराबर करते हुए भूमध्यरेखीय गति अपना लेता है [अर्थात भूमध्य रेखा के मध्य में ही घूमता है]।
 
After enjoying these three zodiac signs, the Sun, making day and night equal, adopts equatorial motion [i.e., it moves only in the middle of the equator].
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)