श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 7: भूर्भुव: आदि सात ऊर्ध्वलोकोंका वृत्तान्त  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  2.7.29 
प्रधानं च पुमांश्चैव सर्वभूतात्मभूतया।
विष्णुशक्त्या महाबुद्धे वृतौ संश्रयधर्मिणौ॥ २९॥
 
 
अनुवाद
हे महाबुद्ध! ये संयुक्त (मिश्रित) प्रधान और मनुष्य भी सम्पूर्ण भूतों के स्वरूप भगवान् विष्णु की शक्ति से आवृत हैं। 29॥
 
O great Buddha! These conjoined (mixed together) chiefs and men are also covered with the power of Vishnu, who is the embodiment of all the ghosts. 29॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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