श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 7: भूर्भुव: आदि सात ऊर्ध्वलोकोंका वृत्तान्त  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  2.7.22 
एतदण्डकटाहेन तिर्यक् चोर्ध्वमधस्तथा।
कपित्थस्य यथा बीजं सर्वतो वै समावृतम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
यह जगत् कथे के बीज के समान है और ऊपर-नीचे सब ओर से अण्डकता से घिरा हुआ है ॥22॥
 
This universe is like the seed of Kapitha (Kathe) and is surrounded by Andakatah on all sides, above and below. ॥22॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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