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श्लोक 2.7.21  |
एते सप्त मया लोका मैत्रेय कथितास्तव।
पातालानि च सप्तैव ब्रह्माण्डस्यैष विस्तर:॥ २१॥ |
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| अनुवाद |
| हे मैत्रेय! इस प्रकार मैंने तुम्हें सात लोक और सात पाताल बताए। यही इस ब्रह्माण्ड का विस्तार है॥ 21॥ |
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| O Maitreya! Thus I told you about these seven worlds and seven netherworlds. This is the extent of this universe.॥ 21॥ |
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