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श्री विष्णु पुराण
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अंश 2: द्वितीय अंश
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अध्याय 6: भिन्न-भिन्न नरकोंका तथा भगवन्नामके माहात्म्यका वर्णन
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श्लोक 9
श्लोक
2.6.9
सुरापो ब्रह्महा हर्ता सुवर्णस्य च सूकरे।
प्रयान्ति नरके यश्च तै: संसर्गमुपैति वै॥ ९॥
अनुवाद
मद्य पीने वाला, ब्राह्मण का हत्यारा, सोने का चोर और उनकी संगति करने वाला मनुष्य, ये सब सूअर के नरक में जाते हैं ॥9॥
The drinker of liquor, the killer of a brahmin, the thief of gold, and the man who keeps company with them, all go to the hell of pigs. ॥9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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