Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
vishnu 2.6.49: अतः न तो कोई वस्तु दुःख देने वाली है और न ही कोई वस्तु सुख देने वाली है। सुख-दुःख तो मन के विकार मात्र हैं ॥49॥   |   vishnu अध्याय 2.6: भिन्न-भिन्न नरकोंका तथा भगवन्नामके माहात्म्यका वर्णन   ।   vishnu अंश 2: द्वितीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 6: भिन्न-भिन्न नरकोंका तथा भगवन्नामके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  2.6.49 
तस्माद्दु:खात्मकं नास्ति न च किञ्चित्सुखात्मकम्।
मनस: परिणामोऽयं सुखदु:खादिलक्षण:॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
अतः न तो कोई वस्तु दुःख देने वाली है और न ही कोई वस्तु सुख देने वाली है। सुख-दुःख तो मन के विकार मात्र हैं ॥49॥
 
Therefore, there is no object that brings sorrow, and there is no object that brings happiness. Happiness and sorrow are only the disorders of the mind. ॥ 49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)