Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 2.6.46: जो मन को प्रिय है, वह स्वर्ग है और जो उसके विपरीत है (अप्रिय है), वह नरक है। हे दोनों में श्रेष्ठ! पाप और पुण्य के अन्य नाम नरक और स्वर्ग हैं। 46। | vishnu अध्याय 2.6: भिन्न-भिन्न नरकोंका तथा भगवन्नामके माहात्म्यका वर्णन । vishnu अंश 2: द्वितीय अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मन को प्रिय है, वह स्वर्ग है और जो उसके विपरीत है (अप्रिय है), वह नरक है। हे दोनों में श्रेष्ठ! पाप और पुण्य के अन्य नाम नरक और स्वर्ग हैं। 46।
What is pleasing to the mind is heaven and what is opposite to it (disliked) is hell. Oh best of the two! The other names of sin and virtue are hell and heaven. 46.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥