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पाप करने के बाद मन में पश्चाताप करने वाले व्यक्ति के लिए ही प्रायश्चित का विधान है। परन्तु यह हरि का स्मरण ही परम प्रायश्चित है ॥40॥
There is a law of atonement only for the person who has remorse in his mind after committing a sin. But this remembrance of Haris alone is the ultimate atonement. 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥