श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 6: भिन्न-भिन्न नरकोंका तथा भगवन्नामके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  2.6.36 
यावन्तो जन्तव: स्वर्गे तावन्तो नरकौकस:।
पापकृद्याति नरकं प्रायश्चित्तपराङ्मुख:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
जितने जीव स्वर्ग में हैं, उतने ही नरक में भी हैं। केवल वे पापी जो पश्चाताप नहीं करते, नरक में जाते हैं ॥36॥
 
There are as many living beings in hell as there are in heaven. Only those sinners who do not repent [for their sins] go to hell. ॥ 36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)