श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 6: भिन्न-भिन्न नरकोंका तथा भगवन्नामके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.6.16 
पितृदेवातिथींस्त्यक्त्वा पर्यश्नाति नराधम:।
लालाभक्षे स यात्युग्रे शरकर्त्ता च वेधके॥ १६॥
 
 
अनुवाद
जो अभागा मनुष्य पितरों, देवताओं और अतिथियों से पहले ही भोजन कर लेता है, वह लालाभक्ष (मांस खाने) रूपी अत्यन्त भयंकर नरक में जाता है और बाण बनाने वाला भेदन करने वाले नरक में जाता है ॥16॥
 
The wretched man who takes his meal before the ancestors, gods and guests, goes to the most fierce hell of eating Laalabhaksh (eating meat) and the arrow-maker goes to the piercing hell. ॥16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)