श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 6: भिन्न-भिन्न नरकोंका तथा भगवन्नामके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  2.6.1 
श्रीपराशर उवाच
ततश्च नरका विप्र भुवोऽध: सलिलस्य च।
पापिनो येषु पात्यन्ते ताञ्छृणुष्व महामुने॥ १॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशरजी बोले- हे ब्राह्मण! तत्पश्चात पृथ्वी और जल के नीचे नरक हैं, जिनमें पापियों को डाला जाता है। हे मुनि! उनका वर्णन सुनो॥1॥
 
Shri Parasharji said- O Brahmin! Thereafter there are hells under the earth and water in which the sinners are thrown. O great sage! Listen to their description.॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)