Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 2.5.26: जिनकी उपासना से प्राचीन महर्षि गर्गण समस्त आकाशीय पिंडों (ग्रह, नक्षत्र) तथा शकुन-अपशकुन आदि के फल को नष्ट करने वाले थे॥26॥ | vishnu अध्याय 2.5: सात पाताललोकोंका वर्णन । vishnu अंश 2: द्वितीय अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिनकी उपासना से प्राचीन महर्षि गर्गण समस्त आकाशीय पिंडों (ग्रह, नक्षत्र) तथा शकुन-अपशकुन आदि के फल को नष्ट करने वाले थे॥26॥
By whose worship, the ancient Maharishi Gargan was supposed to destroy all the celestial bodies (planets, constellations) and the results of omens and bad omens etc. 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥