Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 2.5.24: गन्धर्व, अप्सरा, सिद्ध, किन्नर, नाग और चारण आदि कोई भी इनके गुणों को समाप्त नहीं कर सकता; इसीलिए इस अविनाशी परमेश्वर को 'सनातन' कहा गया है॥24॥ | vishnu अध्याय 2.5: सात पाताललोकोंका वर्णन । vishnu अंश 2: द्वितीय अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गन्धर्व, अप्सरा, सिद्ध, किन्नर, नाग और चारण आदि कोई भी इनके गुणों को समाप्त नहीं कर सकता; इसीलिए इस अविनाशी परमेश्वर को 'सनातन' कहा गया है॥24॥
None of the Gandharvas, Apsaras, Siddhas, Kinnars, Nagas and Charanas etc. can end their qualities; That is why this immortal God is called 'Eternal'. 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥