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vishnu 2.5.24: गन्धर्व, अप्सरा, सिद्ध, किन्नर, नाग और चारण आदि कोई भी इनके गुणों को समाप्त नहीं कर सकता; इसीलिए इस अविनाशी परमेश्वर को 'सनातन' कहा गया है॥24॥   |   vishnu अध्याय 2.5: सात पाताललोकोंका वर्णन   ।   vishnu अंश 2: द्वितीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 5: सात पाताललोकोंका वर्णन  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  2.5.24 
गन्धर्वाप्सरस: सिद्धा: किन्नरोरगचारणा:।
नान्तं गुणानां गच्छन्ति तेनानन्तोऽयमव्यय:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
गन्धर्व, अप्सरा, सिद्ध, किन्नर, नाग और चारण आदि कोई भी इनके गुणों को समाप्त नहीं कर सकता; इसीलिए इस अविनाशी परमेश्वर को 'सनातन' कहा गया है॥24॥
 
None of the Gandharvas, Apsaras, Siddhas, Kinnars, Nagas and Charanas etc. can end their qualities; That is why this immortal God is called 'Eternal'. 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)