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vishnu 2.5.23: जब मदमस्त और कामातुर शेषजी जंभाई लेते हैं, तब समुद्र, वन आदि सहित सम्पूर्ण पृथ्वी हिलने लगती है।   |   vishnu अध्याय 2.5: सात पाताललोकोंका वर्णन   ।   vishnu अंश 2: द्वितीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 5: सात पाताललोकोंका वर्णन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  2.5.23 
यदा विजृम्भतेऽनन्तो मदाघूर्णितलोचन:।
तदा चलति भूरेषा साब्धितोया सकानना॥ २३॥
 
 
अनुवाद
जब मदमस्त और कामातुर शेषजी जंभाई लेते हैं, तब समुद्र, वन आदि सहित सम्पूर्ण पृथ्वी हिलने लगती है।
 
When the intoxicated and lustful Sheshji yawns, the entire earth including the oceans, forests etc. starts moving. 23.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)