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vishnu 2.5.17: वे मद से उन्मत्त होकर, नीले वस्त्र और श्वेत मालाओं से सुशोभित होकर, बादलों और गंगा के प्रवाह से घिरे हुए दूसरे कैलाश पर्वत के समान विराजमान हैं ॥17॥   |   vishnu अध्याय 2.5: सात पाताललोकोंका वर्णन   ।   vishnu अंश 2: द्वितीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 5: सात पाताललोकोंका वर्णन  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  2.5.17 
नीलवासा मदोत्सिक्त: श्वेतहारोपशोभित:।
साभ्रगङ्गाप्रवाहोऽसौ कैलासाद्रिरिवापर:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
वे मद से उन्मत्त होकर, नीले वस्त्र और श्वेत मालाओं से सुशोभित होकर, बादलों और गंगा के प्रवाह से घिरे हुए दूसरे कैलाश पर्वत के समान विराजमान हैं ॥17॥
 
Mad with intoxication, He who is adorned with blue robes and white garlands, sits like another Kailash mountain surrounded by clouds and the flow of the Ganges. ॥17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)