Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 2.5.14: ऋषिगण और सिद्धगण जिस भगवान की पूजा करते हैं, उसे 'अनंत' कहते हैं, जो अत्यंत पवित्र हैं, स्पष्ट स्वस्तिक चिह्नों से सुशोभित हैं और जिनके एक हजार सिर हैं ॥14॥ | vishnu अध्याय 2.5: सात पाताललोकोंका वर्णन । vishnu अंश 2: द्वितीय अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
योऽनन्त: पठॺते सिद्धैर्दैवो देवर्षिपूजित:।
स सहस्रशिरा व्यक्तस्वस्तिकामलभूषण:॥ १४॥
अनुवाद
ऋषिगण और सिद्धगण जिस भगवान की पूजा करते हैं, उसे 'अनंत' कहते हैं, जो अत्यंत पवित्र हैं, स्पष्ट स्वस्तिक चिह्नों से सुशोभित हैं और जिनके एक हजार सिर हैं ॥14॥
The God worshipped by sages and Siddhas describe as 'Ananta' (the infinite), who is very pure, adorned with clear Swastika symbols and having a thousand heads. ॥14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥