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vishnu 2.4.96: हे महर्षि! यह सम्पूर्ण भूमण्डल, जिसमें एण्डीज पर्वत सहित द्वीप, समुद्र, पर्वत आदि सम्मिलित हैं, 500 करोड़ योजन में फैला हुआ है ॥96॥   |   vishnu अध्याय 2.4: प्लक्ष तथा शाल्मल आदि द्वीपोंका विशेष वर्णन   ।   vishnu अंश 2: द्वितीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 4: प्लक्ष तथा शाल्मल आदि द्वीपोंका विशेष वर्णन  »  श्लोक 96
 
 
श्लोक  2.4.96 
पञ्चाशत्कोटिविस्तारा सेयमुर्वी महामुने।
सहैवाण्डकटाहेन सद्वीपाब्धिमहीधरा॥ ९६॥
 
 
अनुवाद
हे महर्षि! यह सम्पूर्ण भूमण्डल, जिसमें एण्डीज पर्वत सहित द्वीप, समुद्र, पर्वत आदि सम्मिलित हैं, 500 करोड़ योजन में फैला हुआ है ॥96॥
 
O great sage! This entire globe comprising of the islands, oceans, mountains etc. including the Andes is spread over 500 million yojanas. ॥96॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)