Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 2.4.74-75: हे महात्मन! इसमें मानसोत्तर नामक एक ही वर्ष पर्वत कहा गया है, जो मध्य में वलय के आकार में स्थित है, पचास हजार योजन ऊँचा है तथा चारों ओर से गोलाकार फैला हुआ है। | vishnu अध्याय 2.4: प्लक्ष तथा शाल्मल आदि द्वीपोंका विशेष वर्णन । vishnu अंश 2: द्वितीय अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे महात्मन! इसमें मानसोत्तर नामक एक ही वर्ष पर्वत कहा गया है, जो मध्य में वलय के आकार में स्थित है, पचास हजार योजन ऊँचा है तथा चारों ओर से गोलाकार फैला हुआ है।
O great one! In this there is said to be only one Varsha mountain called Manasottara which is situated in the middle in the form of a ring and is fifty thousand yojanas high and is spread in a circular manner on all sides.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥