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vishnu 2.4.25: वहाँ भी सात पर्वत हैं जो रत्नों के मूल हैं, जो उसके सात वर्षों को विभाजित करते हैं और सात नदियाँ हैं।   |   vishnu अध्याय 2.4: प्लक्ष तथा शाल्मल आदि द्वीपोंका विशेष वर्णन   ।   vishnu अंश 2: द्वितीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 4: प्लक्ष तथा शाल्मल आदि द्वीपोंका विशेष वर्णन  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  2.4.25 
तत्रापि पर्वता: सप्त विज्ञेया रत्नयोनय:।
वर्षाभिव्यञ्जका ये तु तथा सप्त च निम्नगा:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
वहाँ भी सात पर्वत हैं जो रत्नों के मूल हैं, जो उसके सात वर्षों को विभाजित करते हैं और सात नदियाँ हैं।
 
There also, there are seven mountains which are the origin of gems, which divide his seven years and there are seven rivers. 25.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)