श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 15: ऋभुका निदाघको अद्वैतज्ञानोपदेश  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  2.15.19 
ऋभुरुवाच
क्षुद्यस्य तस्य भुक्तेऽन्ने तृप्तिर्ब्राह्मण जायते।
न मे क्षुन्नाभवत्तृप्ति: कस्मान्मां परिपृच्छसि॥ १९॥
 
 
अनुवाद
ॐ ...
 
Ribhu said, "O Brahmin! The one who feels hungry also gets satiated. I have never felt hungry, then why do you ask about satiation?"॥19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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