vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 2: द्वितीय अंश
»
अध्याय 14: जडभरत और सौवीरनरेशका संवाद
»
श्लोक 9
श्लोक
2.14.9
कपिलर्षिर्भगवत: सर्वभूतस्य वै द्विज।
विष्णोरंशो जगन्मोहनाशायोर्वीमुपागत:॥ ९॥
अनुवाद
हे द्विज! ये कपिल मुनि सर्वशक्तिमान भगवान विष्णु के अंश हैं। संसार की आसक्ति दूर करने के लिए ही इन्होंने पृथ्वी पर अवतार लिया है।
Hey Dwija! This Kapil Muni is a part of the omnipotent Lord Vishnu. He has incarnated on earth only to remove the attachment of the world. 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×