vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 2: द्वितीय अंश
»
अध्याय 14: जडभरत और सौवीरनरेशका संवाद
»
श्लोक 8
श्लोक
2.14.8
तदन्तरे च भवता यदेतद्वाक्यमीरितम्।
तेनैव परमार्थार्थं त्वयि चेत: प्रधावति॥ ८॥
अनुवाद
परन्तु इस बीच आपके कहे हुए वचनों को सुनकर मेरा मन आध्यात्मिक सत्य को सुनने के लिए आपकी ओर प्रवृत्त हो गया है ॥8॥
But in the meantime, having heard the words you have spoken, my mind has inclined towards you to listen to the spiritual truth. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×