श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 14: जडभरत और सौवीरनरेशका संवाद  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  2.14.28 
तस्माच्छ्रेयांस्यशेषाणि नृपैतानि न संशय:।
परमार्थस्तु भूपाल संक्षेपाच्छ्रूयतां मम॥ २८॥
 
 
अनुवाद
अतः हे राजन! ये सब निःसंदेह कल्याणकारी हैं (आध्यात्मिक नहीं) और अब मैं संक्षेप में आध्यात्मिक बातें तुम्हें बताता हूँ। कृपया सुनो॥28॥
 
Therefore, O King, all these are undoubtedly beneficial (not spiritual) and now I shall tell you briefly about the spiritual realities. Please listen. ॥28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)