श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 14: जडभरत और सौवीरनरेशका संवाद  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  2.14.19 
एवं न परमार्थोऽस्ति जगत्यस्मिञ्चराचरे।
परमार्थो हि कार्याणि कारणानामशेषत:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
अतः इस जड़-चेतन जगत् में पिता का कर्मरूपी पुत्र भी परम लक्ष्य नहीं है। क्योंकि तब समस्त कारणों के कर्म ही परम लक्ष्य हो जाएँगे॥19॥
 
Therefore, in this animate and inanimate world, even the son who is the action of the father is not the ultimate goal. Because then the actions of all causes will become the ultimate goal.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)