Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 2.14.17: यदि धन दान है, तो फिर धर्म के लिए उसका त्याग क्यों किया जाता है? और इच्छित भोगों की प्राप्ति के लिए उसे क्यों व्यय किया जाता है? [अतः वह दान नहीं है]॥17॥ | vishnu अध्याय 2.14: जडभरत और सौवीरनरेशका संवाद । vishnu अंश 2: द्वितीय अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि धन दान है, तो फिर धर्म के लिए उसका त्याग क्यों किया जाता है? और इच्छित भोगों की प्राप्ति के लिए उसे क्यों व्यय किया जाता है? [अतः वह दान नहीं है]॥17॥
If wealth is charity then why is it sacrificed for the sake of religion? And why is it spent to obtain the desired pleasures? [Therefore it is not charity]॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥