Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
vishnu 2.13.89: यह सिर और पैर रूपी शरीर भी आत्मा से पृथक है। अतः हे राजन! मैं इस 'अहंकार' शब्द का प्रयोग कहाँ करूँ? 89॥   |   vishnu अध्याय 2.13: भरत-चरित्र   ।   vishnu अंश 2: द्वितीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 13: भरत-चरित्र  »  श्लोक 89
 
 
श्लोक  2.13.89 
पिण्ड: पृथग्यत: पुंस: शिर:पाण्यादिलक्षण:।
ततोऽहमिति कुत्रैतां संज्ञां राजन‍्करोम्यहम्॥ ८९॥
 
 
अनुवाद
यह सिर और पैर रूपी शरीर भी आत्मा से पृथक है। अतः हे राजन! मैं इस 'अहंकार' शब्द का प्रयोग कहाँ करूँ? 89॥
 
This body in the form of head and feet is also separate from the soul. So oh king! Where should I use this word ‘ego’? 89॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)