Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
vishnu 2.13.70: हे पृथ्वी के स्वामी! ये सत्त्वदि गुण भी कर्म के अधीन हैं और सभी प्राणियों में अज्ञान से ही कर्म उत्पन्न होता है ॥70॥   |   vishnu अध्याय 2.13: भरत-चरित्र   ।   vishnu अंश 2: द्वितीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 13: भरत-चरित्र  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  2.13.70 
कर्मवश्या गुणाश्चैते सत्त्वाद्या: पृथिवीपते।
अविद्यासञ्चितं कर्म तच्चाशेषेषु जन्तुषु॥ ७०॥
 
 
अनुवाद
हे पृथ्वी के स्वामी! ये सत्त्वदि गुण भी कर्म के अधीन हैं और सभी प्राणियों में अज्ञान से ही कर्म उत्पन्न होता है ॥70॥
 
O Lord of the Earth! These Sattvadi qualities are also under the influence of karma and in all living beings, karma is born out of ignorance. 70॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)