Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 2.13.48-50: उसे इस प्रकार कर्मकाण्ड से रहित तथा ब्राह्मण-धर्म के विरुद्ध आचरण करते देख, राजा पृषट के सेवकों ने रात्रि में उसे काली नामक बलि के लिए तैयार किया। किन्तु उस यज्ञ में एक परम योगी को उपस्थित देखकर महाकाली ने एक तीक्ष्ण तलवार लेकर उस क्रूर राजा के सेवक का गला काट दिया और उसके दरबारियों सहित उसका कड़वा रक्त पी लिया। | vishnu अध्याय 2.13: भरत-चरित्र । vishnu अंश 2: द्वितीय अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसे इस प्रकार कर्मकाण्ड से रहित तथा ब्राह्मण-धर्म के विरुद्ध आचरण करते देख, राजा पृषट के सेवकों ने रात्रि में उसे काली नामक बलि के लिए तैयार किया। किन्तु उस यज्ञ में एक परम योगी को उपस्थित देखकर महाकाली ने एक तीक्ष्ण तलवार लेकर उस क्रूर राजा के सेवक का गला काट दिया और उसके दरबारियों सहित उसका कड़वा रक्त पी लिया।
Seeing him thus devoid of rituals and behaving in a manner that was against the rites of a Brahmin, the servants of the king Prishat at night, having prepared him for the sacrificial animal of Kali, prepared him. But seeing a supreme Yogi present for the sacrifice, Mahakaali took a sharp sword and slit the throat of that cruel king's servant and drank his bitter blood along with his courtiers.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥