Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 2.13.104: हे महाराज! आत्मा इस प्रकार से व्यवस्थित है। इसे अन्य सभी वस्तुओं से पृथक करके ही वर्णित किया जा सकता है। फिर मैं इसे 'अहम्' शब्द से कैसे वर्णित कर सकता हूँ?॥104॥ | vishnu अध्याय 2.13: भरत-चरित्र । vishnu अंश 2: द्वितीय अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं व्यवस्थिते तत्त्वे मयाहमिति भाषितुम्।
पृथक्करणनिष्पाद्यं शक्यते नृपते कथम्॥ १०४॥
अनुवाद
हे महाराज! आत्मा इस प्रकार से व्यवस्थित है। इसे अन्य सभी वस्तुओं से पृथक करके ही वर्णित किया जा सकता है। फिर मैं इसे 'अहम्' शब्द से कैसे वर्णित कर सकता हूँ?॥104॥
O Maharaj! The soul is arranged in this manner. It can be described only by separating it from everything else. Then, how can I describe it with the word 'Aham'?॥104॥