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vishnu 2.12.7: तैंतीस हजार, तैंतीस सौ, तैंतीस (36333) देवता चंद्रमा पर स्थित होकर अमृत पीते हैं। 7.   |   vishnu अध्याय 2.12: नवग्रहोंका वर्णन तथा लोकान्तरसम्बन्धी व्याख्यानका उपसंहार   ।   vishnu अंश 2: द्वितीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 12: नवग्रहोंका वर्णन तथा लोकान्तरसम्बन्धी व्याख्यानका उपसंहार  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  2.12.7 
त्रयस्त्रिंशत्सहस्राणि त्रयस्त्रिंशच्छतानि च।
त्रयस्त्रिंशत्तथा देवा: पिबन्ति क्षणदाकरम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
तैंतीस हजार, तैंतीस सौ, तैंतीस (36333) देवता चंद्रमा पर स्थित होकर अमृत पीते हैं। 7.
 
Thirty-three thousand, thirty-three hundred, thirty-three (36333) gods drink the nectar situated on the moon. 7.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)