Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 2.12.44: वह विज्ञान अत्यन्त शुद्ध, निर्मल, निर्मल और लोभ आदि दोषों से रहित है। वही परमेश्वर वासुदेव का एक सच्चा स्वरूप है, जिसके अतिरिक्त अन्य कोई पदार्थ नहीं है। 44॥ | vishnu अध्याय 2.12: नवग्रहोंका वर्णन तथा लोकान्तरसम्बन्धी व्याख्यानका उपसंहार । vishnu अंश 2: द्वितीय अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ज्ञानं विशुद्धं विमलं विशोक-
मशेषलोभादिनिरस्तसङ्गम्।
एकं सदेकं परम: परेश:
स वासुदेवो न यतोऽन्यदस्ति॥ ४४॥
अनुवाद
वह विज्ञान अत्यन्त शुद्ध, निर्मल, निर्मल और लोभ आदि दोषों से रहित है। वही परमेश्वर वासुदेव का एक सच्चा स्वरूप है, जिसके अतिरिक्त अन्य कोई पदार्थ नहीं है। 44॥
That science is very pure, clean, remorseless and free from all the flaws like greed. That is the one true form of Supreme God Vasudev, apart from whom there is no other substance. 44॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥