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vishnu 2.12.39: क्योंकि भगवान विष्णु ज्ञानस्वरूप हैं, वे सर्वव्यापी हैं, पृथक् पदार्थ रूप में नहीं हैं। अतः पर्वत, समुद्र और पृथ्वी के इन रहस्यों को विज्ञान का ही विलास समझो। 39॥   |   vishnu अध्याय 2.12: नवग्रहोंका वर्णन तथा लोकान्तरसम्बन्धी व्याख्यानका उपसंहार   ।   vishnu अंश 2: द्वितीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 12: नवग्रहोंका वर्णन तथा लोकान्तरसम्बन्धी व्याख्यानका उपसंहार  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  2.12.39 
ज्ञानस्वरूपो भगवान‍्यतोऽसा-
वशेषमूर्तिर्न तु वस्तुभूत:।
ततो हि शैलाब्धिधरादिभेदा-
ञ्जानीहि विज्ञानविजृम्भितानि॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
क्योंकि भगवान विष्णु ज्ञानस्वरूप हैं, वे सर्वव्यापी हैं, पृथक् पदार्थ रूप में नहीं हैं। अतः पर्वत, समुद्र और पृथ्वी के इन रहस्यों को विज्ञान का ही विलास समझो। 39॥
 
Because Lord Vishnu is the embodiment of knowledge, he is omnipresent and not in the form of separate objects. Therefore, consider these secrets of mountains, sea and earth as the luxury of science alone. 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)