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vishnu 2.12.37: हे विप्र! भगवान विष्णु के स्वरूप जल से पर्वतों और समुद्रों सहित कमलाकार पृथ्वी उत्पन्न हुई है॥37॥   |   vishnu अध्याय 2.12: नवग्रहोंका वर्णन तथा लोकान्तरसम्बन्धी व्याख्यानका उपसंहार   ।   vishnu अंश 2: द्वितीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 12: नवग्रहोंका वर्णन तथा लोकान्तरसम्बन्धी व्याख्यानका उपसंहार  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  2.12.37 
यदम्बु वैष्णव: कायस्ततो विप्र वसुन्धरा।
पद्माकारा समुद्भूता पर्वताब्ध्यादिसंयुता॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
हे विप्र! भगवान विष्णु के स्वरूप जल से पर्वतों और समुद्रों सहित कमलाकार पृथ्वी उत्पन्न हुई है॥37॥
 
Hey Vipra! From water, which is the embodiment of Lord Vishnu, the lotus-shaped earth along with mountains and oceans was born. 37॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)