vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 2: द्वितीय अंश
»
अध्याय 12: नवग्रहोंका वर्णन तथा लोकान्तरसम्बन्धी व्याख्यानका उपसंहार
»
श्लोक 29
श्लोक
2.12.29
शिशुमारस्तु य: प्रोक्त: स ध्रुवो यत्र तिष्ठति।
सन्निवेशं च तस्यापि शृणुष्व मुनिसत्तम॥ २९॥
अनुवाद
हे मुनियों में श्रेष्ठ! शिशुमार चक्र की स्थिति का वर्णन जो पहले ही किया जा चुका है तथा जहाँ ध्रुव स्थित हैं, उसे सुनो।
O best of sages, listen to the description of the position of the Shishumar Chakra which has already been described and where Dhruva is situated.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×