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vishnu 2.12.23: इसी प्रकार केतु के रथ के आठ घोड़े वायु के वेग से चलने वाले, तृण के धुएँ के समान चमक वाले तथा लाख के समान लाल रंग के हैं।   |   vishnu अध्याय 2.12: नवग्रहोंका वर्णन तथा लोकान्तरसम्बन्धी व्याख्यानका उपसंहार   ।   vishnu अंश 2: द्वितीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 12: नवग्रहोंका वर्णन तथा लोकान्तरसम्बन्धी व्याख्यानका उपसंहार  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  2.12.23 
तथा केतुरथस्याश्वा अप्यष्टौ वातरंहस:।
पलालधूमवर्णाभा लाक्षारसनिभारुणा:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार केतु के रथ के आठ घोड़े वायु के वेग से चलने वाले, तृण के धुएँ के समान चमक वाले तथा लाख के समान लाल रंग के हैं।
 
Similarly, the eight horses of Ketu's chariot, which move at the speed of wind, have the glow of straw smoke and are red in colour like lac. 23.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)