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vishnu 2.12.17: शुक्र का रथ बहुत महान है, जिसमें वरूथ (एक), अनुकर्ष (एक), उपसंग (ध्वजा धारण करने वाला) और पृथ्वी से उत्पन्न घोड़े हैं। 17.   |   vishnu अध्याय 2.12: नवग्रहोंका वर्णन तथा लोकान्तरसम्बन्धी व्याख्यानका उपसंहार   ।   vishnu अंश 2: द्वितीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 12: नवग्रहोंका वर्णन तथा लोकान्तरसम्बन्धी व्याख्यानका उपसंहार  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  2.12.17 
सवरूथ: सानुकर्षो युक्तो भूसम्भवैर्हयै:।
सोपासङ्गपताकस्तु शुक्रस्यापि रथो महान्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
शुक्र का रथ बहुत महान है, जिसमें वरूथ (एक), अनुकर्ष (एक), उपसंग (ध्वजा धारण करने वाला) और पृथ्वी से उत्पन्न घोड़े हैं। 17.
 
Very great is the chariot of Shukra, with its Varutha (one), Anukarsha (one), Upasanga (one who carries a flag) and horses born from the earth. 17.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)