vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 2: द्वितीय अंश
»
अध्याय 12: नवग्रहोंका वर्णन तथा लोकान्तरसम्बन्धी व्याख्यानका उपसंहार
»
श्लोक 16
श्लोक
2.12.16
वाय्वग्निद्रव्यसम्भूतो रथश्चन्द्रसुतश्च च।
पिशङ्गैस्तुरगैर्युक्त: सोऽष्टाभिर्वायुवेगिभि:॥ १६॥
अनुवाद
चन्द्रमा के पुत्र बुध का रथ वायु और अग्नि से बना है तथा इसे वायु के समान तीव्र गति वाले आठ श्वेत रंग के घोड़े खींचते हैं।
The chariot of Mercury, the son of the Moon, is made of air and fiery matter and is drawn by eight white-coloured horses, as swift as the wind.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×