| श्री विष्णु पुराण » अंश 2: द्वितीय अंश » अध्याय 10: द्वादश सूर्योंके नाम एवं अधिकारियोंका वर्णन » श्लोक 9 |
|
| | | | श्लोक 2.10.9  | इन्द्रो विश्वावसु: स्रोत एलापुत्रस्तथाङ्गिरा:।
प्रम्लोचा च नभस्येते सर्पिश्चार्के वसन्ति वै॥ ९॥ | | | | | | अनुवाद | | श्रावण मास में सूर्य के रथ पर इंद्र नामक आदित्य, विश्वावसु गंधर्व, स्रोत यक्ष, इलापुत्र नाग, अंगिरा ऋषि, प्रम्लोचा अप्सरा तथा सर्पी नामक राक्षस निवास करते हैं। 9॥ | | | | In the month of Shravan, Aditya named Indra, Vishwavasu Gandharva, Source Yaksha, Elaputra snake, Angira sage, Pramlocha Apsara and demons named Sarpi reside in the chariot of the Sun. 9॥ | | ✨ ai-generated | | |
|
|