| श्री विष्णु पुराण » अंश 2: द्वितीय अंश » अध्याय 10: द्वादश सूर्योंके नाम एवं अधिकारियोंका वर्णन » श्लोक 18 |
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| | | | श्लोक 2.10.18  | विष्णुरश्वतरो रम्भा सूर्यवर्चाश्च सत्यजित्।
विश्वामित्रस्तथा रक्षो यज्ञोपेतो महामुने॥ १८॥ | | | | | | अनुवाद | | हे महामुनि! वे हैं विष्णु नामक आदित्य, अश्वतर सर्प, रम्भा अप्सरा, सूर्यवर्चा गंधर्व, सत्यजित यक्ष, विश्वामित्र ऋषि और यज्ञोपवीत नामक राक्षस। 18॥ | | | | Oh great sage! They are Aditya named Vishnu, Ashvatara Sarpa, Rambha Apsara, Suryavarcha Gandharva, Satyajit Yaksha, Vishwamitra Rishi and demon named Yajnopet. 18॥ | | ✨ ai-generated | | |
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