| श्री विष्णु पुराण » अंश 2: द्वितीय अंश » अध्याय 10: द्वादश सूर्योंके नाम एवं अधिकारियोंका वर्णन » श्लोक 16-17 |
|
| | | | श्लोक 2.10.16-17  | त्वष्टाथ जमदग्निश्च कम्बलोऽथ तिलोत्तमा।
ब्रह्मोपेतोऽथ ऋतजिद् धृतराष्ट्रोऽथ सप्तम:॥ १६॥
माघमासे वसन्त्येते सप्त मैत्रेय भास्करे।
श्रूयतां चापरे सूर्ये फाल्गुने निवसन्ति ये॥ १७॥ | | | | | | अनुवाद | | हे मैत्रेय! त्वष्टा नामक आदित्य, ऋषि जमदग्नि, कंबल सर्प, तिलोत्तमा अप्सरा, ब्रह्मोपेत राक्षस, ऋतजित यक्ष और धृतराष्ट्र गंधर्व- ये सातों माघ मास में भास्करमंडल में रहते हैं। अब फाल्गुन मास में सूर्य के रथ पर रहने वालों के नाम सुनो। 16-17॥ | | | | O Maitreya! Aditya named Tvashta, sage Jamadagni, Kambal Sarp, Tilottama Apsara, Brahmopet Rakshas, Ritjit Yaksha and Dhritrashtra Gandharva – these seven live in Bhaskarmandal in the month of Magha. Now, listen to the names of those who live in the chariot of the Sun in the month of Phalgun. 16-17॥ | | ✨ ai-generated | | |
|
|