| श्री विष्णु पुराण » अंश 2: द्वितीय अंश » अध्याय 10: द्वादश सूर्योंके नाम एवं अधिकारियोंका वर्णन » श्लोक 12 |
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| | | | श्लोक 2.10.12  | विश्वावसुर्भरद्वाज: पर्जन्यैरावतौ तथा।
विश्वाची सेनजिच्चाप: कार्तिके च वसन्ति वै॥ १२॥ | | | | | | अनुवाद | | कार्तिक माह में इसमें विश्वावसु नामक गंधर्व, ऋषि भारद्वाज, पर्जन्य आदित्य, ऐरावत नाग, विश्वची अप्सरा, सेनजित्याक्ष और आप नामक राक्षस रहते हैं। 12॥ | | | | In the month of Kartik, a Gandharva named Vishwavasu, sage Bharadwaj, Parjanya Aditya, Airavat snake, Vishwachi Apsara, Senjityaksha and a demon named Aap live in it. 12॥ | | ✨ ai-generated | | |
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