श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 10: द्वादश सूर्योंके नाम एवं अधिकारियोंका वर्णन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  2.10.11 
पूषा वसुरुचिर्वातो गौतमोऽथ धनञ्जय:।
सुषेणोऽन्यो घृताची च वसन्त्याश्वयुजे रवौ॥ ११॥
 
 
अनुवाद
आश्विन माह में इसमें पूषा नामक आदित्य, वसुरूचि गंधर्व, वट राक्षस, गौतम ऋषि, धनंजय सर्प, सुषेण गंधर्व और घृताची नामक अप्सरा निवास करते हैं। 11।
 
In the month of Ashwin, Aditya named Pusha, Vasuruchi Gandharva, Vaat Rakshas, ​​Gautam Rishi, Dhananjay Sarp, Sushen Gandharva and an Apsara named Ghritachi reside in it. 11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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