श्री विष्णु पुराण  »  अंश 2: द्वितीय अंश  »  अध्याय 1: प्रियव्रतके वंशका वर्णन  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  2.1.5 
श्रीपराशर उवाच
कर्दमस्यात्मजां कन्यामुपयेमे प्रियव्रत:।
सम्राट् कुक्षिश्च तत्कन्ये दशपुत्रास्तथाऽपरे॥ ५॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशरजी बोले - प्रियव्रत ने कर्दमजी की कन्या से विवाह किया था। उससे सम्राट् और कुक्षि नाम की दो कन्याएँ और दस पुत्र उत्पन्न हुए ॥5॥
 
Shri Parasharji said – Priyavrat had married Kardamji's daughter. From her he had two daughters named Samrat and Kukshi and ten sons. 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)